इन 4 दिग्गज खिलाड़ियों की वजह से विश्व कप का मैच हारी भारतीय टीम, हो गया बड़ा खुलासा

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इंग्लिश ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अपनी किताब में उन 4 भारतीय खिलाड़ियों का जिक्र किया है, जिनकी वजह से भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप 2019 का लीग मैच हारी।

 

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Edited By: Sports Guru

Updated on: 27 सेकंड पूर्व

साल 2019 में इंग्लैंड की सरजमीं पर वर्ल्ड कप खेला गया। इस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारतीय टीम का हार हर किसी को याद है, लेकिन वर्ल्ड कप 2019 के ही लीग मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को मिली हार का जिक्र बहुत कम बार हुआ है। अब उसी हार के बारे में एक बड़ा खुलासा इंग्लैंड की टीम के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने किया है, जो कि इंग्लैंड की वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे, जब भारत को मेजबान टीम ने रौंदा था।

बेन स्टोक्स ने पिछले साल विश्व कप में अपनी टीम के खिलाफ मैच में रनों का पीछा करने के दौरान भारतीय टीम की रणनीति और उनके बल्लेबाजों की शैली पर सवाल उठाए हैं। बेन स्टोक्स ने उन 4 खिलाड़ियों का जिक्र किया है, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जीतने का इरादा नहीं किया था। इसमें खुद कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा का नाम शामिल है। रोहित शर्मा ने खुद इस मैच में शतकीय पारी खेली थी।

बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्हें रोहित शर्मा और विराट कोहली की साझेदारी हमारे खिलाफ मैच में काफी रहस्यमयी लगी, जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने जीतने के लिए जज्बा तक नहीं दिखाया। ऐसा ही कुछ हाल केदार जाधव का भी था, जो अंत तक बड़ा शॉट खेलने में डर सा महसूस कर रहे थे। बेन स्टोक्स ने कप्तान विराट कोहली की 59 मीटर की सीमारेखा की शिकायत को हताशा करार दिया है।

बर्मिंघम के मैदान पर खेले गए इस मैच में इंग्लैंड ने 7 विकेट के नुकसान पर 337 रन बनाए थे। इसके बाद भारतीय 50 ओवर खेलकर 306 रन बना सकी थी और मैच 31 रन से हार गई थी। अब बेन स्टोक्स ने अपनी नई किताब ऑन फायर में विश्व कप के इस मैच का जिक्र किया है। बेन स्टोक्स ने कहा है कि न तो रोहित शर्मा, न विराट कोहली, न एमएस धोनी और न ही केदार जाधव ने मैच को जीतने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने अपने गेंदबाजों की भी तारीफ की है।

इंग्लैंड के इस ऑलराउंडर ने कहा है, “धोनी जब बल्लेबाजी के लिए आए थे, तब भारतीय टीम को जीत के लिए 11 ओवर में 112 रन बनाने थे। काफी विकेट भी टीम के हाथ में थे, लेकिन उन्होंने अजीब तरीके से बल्लेबाजी की। वह गेंद को सीमारेखा के पार भेजने से ज्यादा एक रन लेने को आतुर दिखे। भारतीय टीम आखिरी 12 गेंद में भी जीत सकती थी। धोनी और केदार जाधव की साझेदारी में जीत की ललक की काफी कम थी। मुझे लगता है कि अगर वह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते तो रन बना सकते थे।”

उन्होंने आगे कहा कि इंग्लैंड की टीम के ड्रेसिंग रूम को लगा कि धोनी मैच को आखिरी ओवरों तब ले जाना चाहते थे। अक्सर ऐसा धोनी करते हैं और मैच को जिता देते हैं, लेकिन उस बार ऐसा नहीं हुआ था। ऐसा ही कुछ सेमीफाइनल में हुआ था, लेकिन वहां वे आउट हो गए थे, जबकि इस मैच में 31 गेंद पर 42 रन बनाकर वे नाबाद रहे, लेकिन ज्यादातर रन अखिरी ओवरों में तब आए जब मैच भारत के हाथ से लगभग निकल चुका था।

स्टोक्स ने अपनी किताब में आगे लिखा है, “हमारे ड्रेसिंग रूम में इस बात की चर्चा हो रही थी कि धोनी के खेलने का तरीका यही है। अगर भारतीय टीम मैच नहीं जीतती है तो भी उनका नेट रन रेट बना रहे। जिस तरह से रोहित और विराट खेल रहे थे वह किसी रहस्य की तरह था। मुझे पता है कि हमने इस दौरान शानदार गेंदबाजी की, लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की, वह बिल्कुल विचित्र लग रहा था। इन दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को मैच में काफी पीछे धकेल दिया। उन्होंने हमारी टीम पर दबाव डालने की कोई इच्छा नहीं दिखाई।”

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