दिल्ली-एनसीआर में लापता हुए 1589 कोरोना मरीजों ने केंद्र सरकार की मुसीबत बढ़ाई, जानिए पूरा मामला

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दिल्ली-एनसीआर में जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। वहीं, 1589 गायब कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

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Edited By: Raj Shatrughan

Updated on: 38 मिनटों पूर्व

दिल्ली-एनसीआर में जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। वहीं, 1589 गायब कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय को ये गायब कोरोना मरीज कई दिनों से नहीं मिल रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन मरीजों ने कोरोनी टेस्ट दौरान गलत फोन नंबर और पता लिखवाया था। हालांकि कुछ को खोज लिया गया है। नहीं तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा होता।

मिली जानकारी के अनुसार, गायब मरीजों में देश की राजधानी दिल्ली के 180, नोएडा के 18, गाजियाबाद के 125, गुरुग्राम के 266 और फरीदाबाद के कुल 1,000 लोग शामिल हैं। जांच में पाया गया है कि कोरोना वायरस जांच (corona test) के दौरान इन लोगों ने फोन नंबर (Mobile Number) और घर का पता गलत दिया था। 

राजधानी दिल्ली में ज्यादातर मामले शुरुआत के:

राजधानी दिल्ली के मध्य जिला की चिकित्साधिकारी ने बीते शनिवार को मीडिया से खास बातचीत में बताया कि कोविड-19 सैंपल (corona sample) लेने से पहले आईसीएमआर (ICMR)  ऐप पर मरीजों की पूरी डिटेल्स को अपलोड किया जाता है। फिर फोन नंबर के रजिस्ट्रेशन के बाद ओटीपी(OTP) जेनरेट होता है। ओटीपी डालने के बाद ही कोरोना वायरस सैंपल लिया जाता है।

पुलिस की मदद से की जा रही है तलाश:

कोरोना वायरस टेस्ट (corona virus) में पॉजिटिव पाए गए इन गायब मरीजों की तलाश में स्वास्थ्य मंत्रालय पुलिस की भी मदद ले रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बताया गया कि 1589 मरीजों में से 65 को खोज लिया गया है और उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

अब पहचान पत्र लेने के बाद ही होगी जांच: 

फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने बीते शनिवार को कहा कि अब पहचान पत्र दिखाने के बाद ही कोविड-19 (covid-19) के नमूने लिए जाएंगे। इस संबंध में सभी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

वजह:
1. कोरोना मरीजों द्वारा दिया गया फोन नंबर और पता गलत निकला

2. जिन्होंने सही नंबर दिया उनके फोन भी पिछले 10 दिनों से बंद आ रहे हैं
3. पहचान पत्र में घर का पता कुछ और हकीकत में कुछ निकला

कड़ाई:
1. कोरोना मरीजों की सही जानकारी नहीं लेने पर निजी लैब (Private Lab) को नोटिस भेजा गया  
2. पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया

3. मामला ज्यादा बढ़ने के बाद अब ओटीपी (OTP) आने के बाद ही लिया जाता है कोरोना सैंपल

 

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