प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की शुक्रवार को रीवा में एशिया के सबसे बड़े सौर प्लांट की शुरुआत

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देश

Edited By: Anjali

Updated on: 37 मिनटों पूर्व

मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रीवा में सौर प्लांट की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गरीब अपने घर में बिजली पैदा कर सकता है।  किसानों ने खेतों में अन्न के साथ-साथ बिजली पैदा करना भी शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के रीवा स्थित सबसे बड़े सौर प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट एशिया का सबसे बड़ा प्लांट है। जिसकी पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शुरुआत की। यहां अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज रीवा ने इतिहास रच दिया है। जब हम इस प्लांट का वीडियो आसमान से देखते हैं। तो लगता है हजारों सोलर पैनल फसल बनकर लहरा रहे हों। रीवा का सोलर प्लांट इस पूरे क्षेत्र को ऊर्जा का केंद्र बनाएगा, इससे एम.पी के लोगों को लाभ मिलेगा और दिल्ली में मेट्रो को भी बिजली मिलेगी।

राज्य में एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पीएम मोदी पहली बार किसी बड़ी योजना की शुरुआत कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट का सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जा रही है, जिसे एशिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना कहा जा रहा है. इसके जरिए दिल्ली मेट्रो को भी बिजली प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बारे में जानकारी दी थी।  पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है, ’10 जुलाई को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के रीवा में बने 750 मेगावाट की सौर परियोजना का उद्घाटन करूंगा।  यह सौर परियोजना 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को गति प्रदान करती है।’ बता दें कि रीवा की परियोजना में 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। इस परियोजना से लगभग 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन उत्सर्जन की संभावना है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब रीवा वाला शान से कहेगा कि दिल्ली की मेट्रो हमारा रीवा चलाता है। इसका लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्गीय लोगों, किसान और आदिवासियों को होगा। आज भारत सौर ऊर्जा के मामले में शीर्ष  देशों में शामिल है। पीएम ने कहा कि बिजली की जरूरतों के हिसाब से सौर ऊर्जा बेहद अहम है। सरकार इसे विस्तार दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए  इकॉनोमी एक जरूरी पक्ष है। वर्षों से यही मंथन है कि अर्थव्यवस्था की सोचें या पर्यावरण की, लेकिन भारत ने दिखाया है कि दोनों को एक साथ किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि कोरोना संकट के दौरान किसानों ने रिकॉर्ड तोड़ फसल उत्पादन किया और सरकार ने उसे खरीदा है। जल्द ही मध्य प्रदेश के किसान बिजली पैदा करने का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे। अब अपने देश में ही सोलर प्लांट से जुड़े सामान को भारत में बनाया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत के तहत आयात पर इनकी निर्भरता कम की जाए और यहां पर इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। अब सरकार का कोई भी विभाग अगर कोई सोलर प्लांट से जुड़ा कुछ सामान लेता है, तो वो मेक इन इंडिया को ही खरीदेगा।

अपने संबोधन में पीएम मोदी बोले कि हमारी सरकार के वक्त में स्वच्छ भारत, LPG देना, LED देना, सौर ऊर्जा समेत कई फैसले लिए गए, जिससे अर्थव्यव्स्था और पर्यावरण सर्वोपरि है। पीएम ने कहा कि पिछले 6 साल में सरकार ने 36 करोड़ LED बल्ब बांटे हैं, 1 करोड़ से ज्यादा स्ट्रीट लाइट्स में लगाई हैं। हमारी सरकार ने LED की कीमत को दस गुना घटा दी है। पीएम ने कहा कि इससे 600 अरब यूनिट बिजली की बचत हो रही है, हर साल लोगों का बिजली का बिल कम आ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 से पहले सोलर पावर की कीमत ज्यादा थी, लेकिन अब कीमत काफी कम कर दी गई है। भारत अब क्लीन एनर्जी का सबसे शानदार मार्केट बन गया है, इस क्षेत्र में अब भारत एक मॉडल बन चुका है। भारत इस क्षेत्र में पूरी दुनिया को इकट्ठा कर रहा है, ताकि दुनिया का बड़ा संकट खत्म हो सके। अब एक आम आदमी घर की छत से लेकर बगीचे तक में बिजली पैदा कर रहा है। इसके साथ ही अन्न दाता को ऊर्जा दाता बनाया जा रहा है। जिस जमीन पर किसान को फसल उगाने में दिक्कत आती है, अब वो वहां पर प्लांट लगा रहा हैं। 

 



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