रहस्यमयी लोनार झील का पानी अचानक हुआ लाल, फिर हैरान हुए वैज्ञानिक, शुरू की खोज

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महाराष्ट्र की लोनार झील से जुड़े हैं जो समय के साथ-साथ सामने आ रहे हैं लेकिन इनका सही कारण क्या है यह पता लगाना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती जैसा है.

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Edited By: PRIYANKA SINGH

Updated on: 36 मिनटों पूर्व

भारत की नदियों और महासागरों से जुड़े रहस्य आजतक वैज्ञानिक खोजने में लगे हैं लेकिन ये रहस्य समय के साथ और गहरे होते जा रहे हैं. ऐसा ही रहस्य महाराष्ट्र की लोनार झील से जुड़े हैं जो समय के साथ-साथ सामने आ रहे हैं लेकिन इनका सही कारण क्या है यह पता लगाना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती जैसा है.

दरअसल, महाराष्ट्र की लोनार झील का पानी अचानक लाल होने लगा है. इसका कारण क्या है यही अब वैज्ञानिकों के लिए बड़ी पहेली बन गया है. कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि झील में एक खास तरह की कवक यानी फंगस पैदा हो गई है इसलिए इसका रंग लाल हो गया है, जबकि कुछ वैज्ञानिक अभी इसकी जांच में लगे हैं.

बताया जाता है कि धरती पर जब उल्का पिंड टकराया था तब इस झील का निर्माण हुआ था और फिर बारिश के कारण यह झील भर गई थी. इस झील को लेकर नासा से लेकर पूरी दुनियाभर की कई एजेंसियां इसका रहस्य जानने की कोशिश में लगी रहती हैं. यह झील गोल आकर की है और करीब 150 मीटर गहरी है.

लोनार झील पर किए गये हालिया शोध में यह सामने आया कि यह झील 5 लाख 70 हजार सालों पुरानी झील है और इसका प्रमाण हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में मिलता है. झील को लेकर स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह झील पुराने मंदिरों का इतिहास है, इसके किनारे कई देवी-देवताओं के बेहद पुराने मंदिर होने के अवशेष मिलते हैं.

वहीँ, नासा के वैज्ञानिकों ने जब इस झील पर शोध किया तो उन्होंने पाया था कि यह झील बेसाल्टिक चट्टानों से बनी झील है जो मंगल ग्रह की सतह पर जाई जाती हैं. इतना ही नहीं नासा का कहना है कि इस झील के पानी के रासायनिक गुण भी मंगल पर मौजूद झीलों के जैसे हैं. हालांकि सटीक जानकारी आज तक वैज्ञानिक खोज रहे हैं.

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