Success Story Of IAS Topper Vishal Singh

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Success Story Of IAS Topper Vishal Singh: यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता. कैंडिडेट्स सालों लगे रहते हैं और एक सफलता के लिए तरस जाते हैं. ऐसे में विशाल सिंह जैसे कैंडिडेट्स भी होते हैं जो अपने पहले ही प्रयास में सेलेक्शन पक्का कर लेते हैं. हालांकि विशाल ने इसकी तैयारी अपने ग्रेजुएशन के दिनों से ही शुरू कर दी थी फिर भी सफल होने के लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की, तब यहां तक पहुंचे. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस परीक्षा में करेंट अफेयर्स का कितना महत्व है इसलिए ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि इनकी तैयारी कैसे भली प्रकार की जा सकती है. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में विशाल ने खास करेंट अफेयर्स की तैयारी पर बात की.

लॉ ग्रेजुएट हैं विशाल सिंह –

विशाल ने यूपीएससी परीक्षा देने के पहले बीए एलएलबी किया है. वे कहते हैं कि उनके ग्रेजुएशन के विषयों के कारण उन्हें यूपीएससी परीक्षा पास करने में तुलनात्मक आसानी हुई क्योंकि यूपीएससी के दौरान बहुत से आर्ट्स विषय पढ़ने होते हैं. यहां तक कि विशाल ने अपना ऑप्शनल भी लॉ को ही बनाया था. ग्रेजुएशन के चौथे साल से ही उन्होंने तैयारी शुरू कर दी थी और जिस साल उन्हें बीए एलएलबी की डिग्री मिली यानी साल 2018 में, उसी साल उन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी पास कर ली थी.

आप यहां विशाल सिंह द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया इंटरव्यू भी देख सकते हैं –

न्यूज पेपर हैं सबसे अहम स्त्रोत –

विशाल कहते हैं कि करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए न्यूज पेपर से अच्छा कोई दूसरा स्त्रोत नहीं. अगर आप रोज न्यूज पेपर पढ़ रहे हैं तो मान लीजिए कि सारा एरिया कवर हो रहा है. हालांकि शुरू में पेपर पढ़ना आसान नहीं होता. अकेले इस काम में तीन घंटे लग जाते हैं, सर चकराने लगता है और कुछ समझ नहीं आता लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास से बात बनने लगती है. रोज प्रैक्टिस करने से आप कुछ समय बाद डेढ़ घंटे तक में पूरा पेपर खत्म कर लेते हैं.

संभव हो तो बनाएं नोट्स –

विशाल आगे कहते हैं कि संभव हो तो पेपर में जो जरूरी खबरें दी हैं, उनके नोट्स बनाएं. इससे एंड में रिवीजन करने में आसानी रहती है. एक बात का और ध्यान रखें कि पेपर में आने वाली फालतू की खबरों पर ध्यान न दें और केवल उन्हीं खबरों पर फोकस करें जो आपके सिलेबस के लिहाज से जरूरी हैं.

विशाल तो यहां तक कहते हैं कि सुनने में यह अजीब लगता है पर हो सके तो पूरा सिलेबस रट लें. इस कदर रट लें कि पेपर देखते ही आप समझ जाएं कि ये विषय आपको पढ़ना है या छोड़ना है. इससे आपका समय बर्बाद नहीं होता.

मंथली मैगजीन से कवर करें छूटे हुए हिस्से –

कई बार बहुत अच्छे से नोट्स बनाने के बाद भी कोई न कोई हिस्सा छूट ही जाता है. ऐसे में ये इंश्योर करने के लिए कि कहीं कुछ न छूटे आप किसी भी संस्थान की मंथली मैगजीन ले सकते हैं. इनमें सारा कवरेज भली प्रकार दिया होता है, साथ ही इनसे रिवीजन करने में भी आसानी होती है. उस केस में अगर आपने कुछ छोड़ दिया है तो उसे कवर कर सकते हैं.

अंत में विशाल इंटरनेट के इस्तेमाल पर बहुत जोर देते हैं. वे कहते हैं कि वर्तमान में इंटरनेट तैयारी के लिए इतनी मदद करता है कि आप सोच भी नहीं सकते. जहां भी जिस भी एरिया में समस्या आए उसे इंटरनेट पर जाकर दूर किया जा सकता है.

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