उत्तराखंड: जंगल में गाय चराने गए बुजुर्ग को बाघ ने बनाया निवाला..क्षत-विक्षत मिली लाश

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नैनीताल जिले के तराई पूर्वी वन प्रभाग के के किशनपुर में शेर नाले के पास अपने दो साथियों के साथ मवेशियों को चराने गए 60 साल के बुजुर्ग के ऊपर बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया है।

उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों में मानव वन्यजीव संघर्ष की दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसा ही कुछ हुआ है नैनीताल जिले के तराई पूर्वी वन प्रभाग के किशनपुर में जहां पर शेर नाले के पास एक 60 साल के बुजुर्ग को बाघ ने अपना निवाला बना लिया।

आपको बता दें कि 60 वर्षीय बुजुर्ग मवेशियों को जंगल में चराने गए थे और तभी अचानक जंगल में बाघ धमक पड़ा और उसने बुजुर्ग के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया और उन को मौत के घाट उतार दिया। बता दें कि बाघ के हमले के बाद से ही और बुजुर्ग की मौत की खबर से इलाके में दहशत का माहौल पसर गया है और सभी ग्रामीणों के बीच में खौफ भी साफ देखने को मिल रहा है।

बता दें कि मवेशियों को चराने के वक्त मृतक बुजुर्ग के साथ उनके दो साथी और भी मौजूद थे जिन्होंने बुजुर्ग के ऊपर बाघ के हमले के बाद किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई..चलिए आप को पूरी घटना से अवगत कराते हैं।

मृतक की पहचान 60 वर्षीय चनर सिंह संभल के रूप में हुई है जो कि जीत पूर्व पूर्वी गोला पार के निवासी थे। हाल ही में चनर अपने दो साथी सुरेंद्र सिंह और जीवन सिंह के साथ बीते रविवार को तराई वन प्रभाग के जंगलों में मवेशियों को चराने गए थे और दोपहर के बाद 4 बजे चनर शेर नाले के पास अपने मवेशियों को चरा रहे थे और उनके दोनों साथी उनसे तकरीबन 200 मीटर दूर खड़े हुए थे तभी अचानक वहां पर बाघ आ धमका और उसने चनर के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया।

घटनास्थल पर मौजूद सुरेंद्र सिंह और जीवन सिंह ने जब बाघ को उनके साथी के ऊपर हमला करते हुए देखा तो उनके होश उड़ गए और उनके बीच में चीख-पुकार मच गई और वे मुश्किल से हिम्मत जुटा कर वहां से अपनी जान बचा कर गांव में वापस गए और गांव वालों को इस बात की सूचना दी। गांव वाले के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही बाघ बुजुर्ग को मौत के घाट उतार कर वहां से जा चुका था।

वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग को आनन-फानन में इस पूरी घटना की सूचना दी और किशनपुर रेंज वन क्षेत्राधिकारी केसी कफल्टिया, नंधौर वन क्षेत्राधिकारी शालिनी जोशी मौके पर पहुंचीं और मृतक के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बता दें कि हमले के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में दहशत पसरी हुई है। जनवरी में भी गौलापार के पास किशनपुर रेंज में जंगल में घास काटने गईं तकरीबन 12 महिलाओं के ऊपर एक बाघ ने हमला कर दिया था जिनमें से तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

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